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(7) गर्भस्थ शिशु का संगीत

तवा संगीत (7): गर्भस्थ शिशु का संगीत। पंकज खन्ना 9424810575 (नए पाठकों से आग्रह : इस ब्लॉग के परिचय और अगले/पिछले आलेखों के संक्षिप्त विवरण के लिए  यहां क्लिक  करें।🙏) संदर्भ के लिए पिछले आलेख क्रमानुसार: ( 1 ) ( 2 ) ( 3 ) ( 4 ) ( 5 ) ( 6 ) ( 7 ) ( 8 ) ( 9 ) ( 10 ) ( 11 ) ( 12 ) ( 13 ) ( 14 ) ( 15 )( 16 ) ( 17 ) ( 18 ) ( 19 ) ( 20 ) (21) पिछले ( छठे ) ब्लॉग में ' आया आया अटरिया पे कोई चोर ' गाने का जिक्र हुआ था। हमारे एक दोस्त को  ये गाना ब्लॉग में डालना पसंद नहीं आया। दोस्त ने आगे ये भी कहा कि इतना  हलका गाना ब्लॉग में कैसे डाला जा सकता है? इस बात का जवाब देने के पहले संगीत के बारे में हमारी समझ या सोच क्या है, ये बता देते हैं।  गर्भ में  बच्चे 18 हफ्ते की उम्र होने तक सुनने की शक्ति ग्रहण कर लेते हैं ऐसी वैज्ञानिक मान्यता है।ये गर्भस्थ बच्चे मां के दिल की धड़कन और पेट की 'गुडूम-गुडुम' की ध्वनि सुनने लगते हैं। गर्भस्थ बच्चे के अंधेरे लेकिन सुरक्षित  संसार में मां के हृदय की धड़कन ही सुमधुर संगीत होती है और 'गुडूम-गुडुम' सिर्फ एक ध्वनि (Sound)।  ...

(5) ये ना बता सकूंगा मैं!

तवा संगीत(5) : ये ना बता सकूंगा मैं। पंकज खन्ना (इंदौर) 9424810575 (नए पाठकों से आग्रह : इस ब्लॉग के परिचय और अगले/पिछले आलेखों के संक्षिप्त विवरण के लिए  यहां क्लिक  करें।🙏) संदर्भ के लिए पिछले आलेख क्रमानुसार: ( 1 ) ( 2 ) ( 3 ) ( 4 ) ( 5 ) ( 6 ) ( 7 ) ( 8 ) ( 9 ) ( 10 ) ( 11 ) ( 12 ) ( 13 ) ( 14 ) ( 15 )( 16 ) ( 17 ) ( 18 ) ( 19 ) ( 20 ) (21) हमारे पिताजी और पारसी मोहल्ले (जहां हम रहते थे)  के अंकल लोग शाम को अक्सर किसी एक घर में इकठ्ठे होकर राजनीति ,  क्रिकेट, हॉकी, मौसम, मंहगाई, संगीत की 'चौपाल' किया करते थे। और हम बच्चों का क्या ! किसी भी घर में कभी भी घुसे और बस बैठ गए किसी की भी गोदी में! सुनते रहते थे। संगीत की बातों की पहली यादें सन 1970 के आस पास  की हैं । तब उम्र थी 8 साल।  ये बड़े लोग जो नाम  लेते थे अच्छी तरह याद हैं, वो हैं : के एल सहगल, पंकज मलिक, नूरजहां, सुरैया,तलत मेहमूद, हेमंत कुमार , मन्ना डे, लता, रफी, मुकेश, किशोर और जगमोहन आदि आदि।हमारे घर में ग्रामोफोन या रिकॉर्ड प्लेयर तो नहीं था पर रेडियो जरूर था। रेडियो तो हर घर में बजता था ...

(1) ग्रामोफोन और श्याम सुंदरियां

तवा संगीत: ग्रामोफोन और 78 rpm रिकॉर्ड्स पंकज खन्ना  9424810575 (नए पाठकों से आग्रह : इस ब्लॉग के परिचय और अगले/पिछले आलेखों के संक्षिप्त विवरण के लिए  यहां क्लिक  करें।🙏) संदर्भ के लिए पिछले आलेख क्रमानुसार: ( 1 ) ( 2 ) ( 3 ) ( 4 ) ( 5 ) ( 6 ) ( 7 ) ( 8 ) ( 9 ) ( 10 ) ( 11 ) ( 12 ) ( 13 ) ( 14 ) ( 15 )( 16 ) ( 17 ) ( 18 ) ( 19 ) ( 20 ) (21) SGSITS इंदौर से 1983 में मैकेनिकल इंजीनियरिंग करने के बाद, 1984 से सन 2007 तक हिन्दुस्तान पेट्रोलियम में एक अधिकारी के रूप में कार्यरत रहते हुए अलग अलग शहरों जैसे बम्बई, नागपुर, चंद्रपुर, रायपुर,बरेली, दिल्ली, और मेरठ में पदस्थ रहा। कमाना शुरू किया तो बहुत सारी रूचियां बनती और बढ़ती गई जैसे सायकलिंग, मोटर सायकलिंग (पुरानी जावा 1965 मॉडल), घुमक्कड़ी, वनभ्रमण, driftwood (बहकर आयी हुए लकड़ी) संग्रह, फोटोग्राफी, संगीत, लेखन, पठन आदि।  उन्हीं दिनों में ग्रामोफोन के तवा रूपी  रेकॉर्ड्स(78 rpm वाले,  Shellac या बोले तो पत्थर  के रिकॉर्ड्स) संग्रह करने का शौक भी शुरू  हुआ जो अब तक जारी है।ये बहुत ही अलग स्तर का विचि...